Masumiyat shayari in hindi

Masumiyat Shayari In Hindi || मासूम हंसी पर शायरी ||

मासूम हंसी पर शायरी | innocent shayari in hindi | Muskan shayari in hindi | masumiyat par kavita

-: मासूम हंसी पर शायरी :-

“धोका देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक,
टूटे हुए हर कांच के टुकड़े को हीरा नही कहते”

#dhoka deti he aksar masum chehre ki #chamak,

tute hue hr #kaanch ke tukde ko #hira nahi kehte

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मासूम नज़रों को

“मासूम नज़रों को हस्ता हुआ देखा है,
मेने अपनी मोहब्बत को तुम्हारे अन्दर छिप्ता हुआ देखा है”

masum nazro ko hansta hua dekha,
mene apani mohabbat ko tumhare andar chipta hua dekha hai.

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“बादलों के पीछे जो छुप जाती है चांद की रोशनी,

मेने रोज़ उसे तुम्हारे दुपट्टे से झांकते हुए देखा है”

Badlo ke piche jo chhup jati hai chand ki roshni,
mene use roz tumhare dupatte me se jhankte dekha hai.

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“वो जो गुजरता है, तुम्हारी खिड़की के नीचे से रास्ता
हर वक्त तुम्हे उस पर पलके बिछाए देखा है”

Vo jo guzarta hai tumhari khidki ke niche se rasta,
har waqt tumhe us par palke bichaye dekah.

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“क्यों ना चमक आ जाए मेरी जिंदगी में तुम्हारे आने से,
मेने हर सजदे में तुम्हे रोते हुए देखा है”

Kyo na chamak aa jaye meri zindagi me tmhare aane se,
mene har sajde me tumhe rote hue dekha.

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“जब पूछते है लोग मेरे से तुम्हारी पहचान
मेने तुमको घर में छुपते हुए देखा है”

jab log puchte hai mere se tumhari pehchan,
mene tum ko parde ke piche chhupte hue dekha.

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मासूम तेरी नज़रों के समुन्दर में

मेरा दिल डूब जाता है,

जब जब तुझे देख ले मेरी नज़र

मेरा जीवन पूरा हो जाता है,

न आए तू जो मेरी नज़र के सामने

तेरे दीदार के लिए

मेरा दिल हर पल के लिए बैचेन हो जाता है।

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-: Masumiyat Shayari In Hind :-

न जाने क्या राज़ है,
तेरे चेहरे पर…
तेरे सामने आने से ज़्यादा,
तुझे खुद चांद बादलो के पीछे छुपकर देखता है।\

Naa jane kya raaj hai tere chehre par,
Tere samne aane se jyada,
tujhe khud chand baadlo ke piche chhupkar dekhta hai .

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कभी नम न हो जाये ये मासूम आखों की नज़र,
मेरी तमन्ना है सदा मुस्कराये,
ग़म के दरिया रहे हम तक ही ,
तेरे आखों मे खुशियों की बहारे आये।

Kabhi Namm na ho jaye ye Masum aakhon ki nazar,

Meri Tamanna hai sada muskuraye,

Gum ke Dariyan rahe hum tak hi,

Tere aakhon me khushiyo ki bahaar aaye

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“ये पहला इश्क हे तुम्हारा सोच लो,
ये पहला इश्क हे तुम्हारा सोच लो
हमारे लिए यह रास्ता नया है”

Ye pehla ishq hai tumhara soch lo,

Ye pehla ishq hai tumhara soch lo

Humare liye yeh raasta naya hai.

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नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी #प्यार के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला #इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।

Nazare karam mujh par itna na kar,

Ki tere pyaar ke liye Bagi ho jauu,

Mujhe itna na pila ishq-e-jaam ki,

Me ishq ke zahar ka aadi ho jauu.

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हमें सीने से लगाकर हमारी सारी #कसक दूर कर दो,
हम सिर्फ तुम्हारे हो जाऐ हमें इतना #मजबूर कर दो।

Hume sine se lagakar humari sari #kasak duur kar do,

Hum sirf tumhare ho jaye hume itna #mazboor kar do.

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मासुम मोहब्बत कि शायरी

अपनी #कलम से दिल से दिल तक की बात करते हो
#सीधे-सीधे कह क्यों नहीं देते हम से प्यार करते हो।

Apni #kalam se dil se dil tak ki baat karte ho,

#sidhe-sidhe keh kyon nahi dete hum se #pyaar kar do

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#कड़क सर्दी में जलती हुई #अलाव से हो तुम,
#आँच हद से ज़्यादा हो तो भी दूर नहीं रहा जाता।

#kadak sardi me jalti hui #alaw se ho tum,

#aanch hadd se zyaada ho to bhi duur nahi raha jata

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मासूम हंसी पर शायरी

हम से न हो सकेगी #मोहब्बत की नुमाइश,

बस इतना जानते है तुम्हे #चाहते है

Ham Se Na Ho Sakegi #Mohabbat Ki Numais

Bas Itna Jante Hai Tumhe #Chahte Hain Ha

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#घायल कर के मुझे उसने पूछा,

करोगे क्या फिर #मोहब्बत मुझसे,

#लहू-लहू था दिल मेरा मगर

होंठों ने कहा #बेइंतहा-बेइंतहा

 

#Ghayal Kar Ke Mujhe Usne Poochha,

Karoge Kya Phir #Mohabbat Mujhse,

#Lahoo-Lahoo Tha Dil Mera Magar

Honthon Ne Kaha #Beintha-Beintha

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#निगाहों से खीची है तस्वीर मैने,

जरा अपनी #तस्वीर आकर तो देखो,

तुम्हीं को इन #आँखो में तुमको दिखाऊँ,

इन #आँखो मे आँखे मिलाकर तो देखो।

#Nigahon Se Kheechi Hai Tasveer Maine,

Jara Apni #Tasveer Aakar To Dekho,

Tumhin Ko In #Aankho Mein Tumko Dikhaoon,

In #Aankho Me Aankhe Milakar To Dekho.

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तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो

Too Hazar Bar Bhi Roothe To Mna Lunga Tujhe
Magar Dekh Mohabbat Me Shamil Koi Dusra Na Ho

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बेइंतेहा मोहब्बत शायरी इन हिंदी

किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है
तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है
दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया
फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है

kismat yeh mera imtehan le rahi hai,

tadap kar yeh mujhe dard de rahi hai

dil se kabhi bhi mene use duur nahi kiya

fir kyun bewafa ka weh ilzam de rahi hai

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